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'समाज
रत्न' श्री
चम्पालालजी
उपाध्याय
उपाध्याय अनेक
निधियों, धनिकों तथा जन
साधारण को प्रेरित कर कई
करोड़ रुपये शिक्षा
विकास पर व्यय करवा चुके
हैं| फलतः आज दस हजार से भी
अधिक बालक-बालिकाएं
प्रतिदिन शिक्षा
प्राप्त कर अपना जीवन पथ
प्रशस्त कर रहे हैं और
इससे कई गुणा लोग शिक्षा
ग्रहण कर विभिन्न
क्षेत्रों में कार्यरत
हैं|
समत्व भाव से
शिक्षा उत्थान के प्रति
समर्पित सबल व्यक्तित्व
श्री उपाध्याय जैसे कम ही
लोग होते हैं| निष्काम
भाव से कार्य के प्रति
समर्पण उनके जीवन का अटल
सत्य बनकर रेखांकित हुआ
है| परिणामतः उनके
प्रेरणा स्पर्श के कारण
आज अनेक संस्थाएं फलफूल
रही हैं| श्री उपाध्याय
के अथक प्रयत्नों से
रतनगढ़ क्षेत्र में
जालान महाविद्यालय,
लोहिया बालिका
महाविद्यालय, आई.टी.आई.,
श्री गाँधी बाल निकेतन
सहित अनेक शिक्षण
संस्थाओं की स्थापना हुई|
श्रीडूंगरगढ़
महाविद्यालय की स्थापना
में भी आपका सक्रिय
मार्गदर्शन रहा|
खादी जगत के
प्रतिनिधि के रुप में
आपकों 1995 में राजस्थान
खादी तथा ग्रामोद्योग
बोर्ड का सदस्य राज्य
सरकार द्वारा मनोनित
किया गया| खादी बोर्ड में
उपाध्यक्ष, सेवा चयन
समिति तथा जांच समिति के
अध्यक्ष भी रहे परन्तु
दिसम्बर, 1998 में सत्ता
परिवर्तन के कारण आपने
नैतिक आधार पर त्यागपत्र
दे दिया| खादी
ग्रामोद्योग विकास
संस्थान, झझू जिला
बीकानेर के आप संस्थापक
अध्यक्ष हैं|
चिकित्सा तथा
स्वास्थय, ग्रामीण विकास,
राहत कार्य, निर्धन
व्यक्तियों की सेवा एवं
सामान्य जन सेवा में आप
विनम्रतापूर्वक निरन्तर
संग्लन रहते हैं| चूरु
जिले के 5000 भूमिहिनों को
राजस्थान नहर क्षेत्र
में भूमि आवंटित करवाई|
चूरु जिले अनेक जन
आंदोलनों का नेतृत्व
किया| 1964 में भारत बंद
आंदोलन में श्री
मुरलीधरजी व्यास एव
नरेन्द्रपाल सिंह चौधरी
के साथ चूरु में जेल गये|
लोहिया परिवार
को प्रेरित कर रतनगढ़
तहसील के गांव सेहला का
चतुर्दिक विकास करवा कर
सरकार द्वारा इसे आदर्श
गांव करवाया|
पूर्व में
मरुभूमि सेवा संघ के
संस्थापक सदस्य
औंकारप्रसाद व्यास को
चूरु जिले के कई गांवो के
सम्पूर्ण विकास में
उल्लेखनीय सहयोग दिया|
उड़ीसा के बाढ़
पीड़ितों की सहायतार्थ
श्री गाँधी बाल निकेतन
सोसायटी के माध्यम से तीन
लाख वस्त्र भिजवाये|
कारगिल के शहीदों के
परिवारों की सहायता हेतु
श्री नोरंगराय लोहिया
द्वारा एक लाख रुपये दान
करवाये| चूरु में पुलिस
लाईन के पास सेठ श्री
नोंरगराय लोहिया पुलिस
सामुदायिक विकास
केन्द्र के भवन का
निर्माण करवाया|
समाज सेवा के
कार्य क्षेत्र में
आधुनिक राजस्थान के
प्रमुख निर्माता श्री
मोहनलाल सुखाड़िया,
सुप्रसिद्ध गांधीवादी
विचारक हरिभाउ उपाध्याय,
सर्वोदय नेता श्री
गोकुलभाई भट्ट,
विश्वविख्यात
ज्योतिर्विद पद्मविभूषण
डा. सूर्यनारायण व्यास,
प्रख्यात प्रशासक एवं
शिक्षाविद् डा. मोहनसिंह
मेहता, श्री गौरीशंकर
आचार्य, श्री दयाशंकर
श्रोत्रिय जैसे अनेक
प्रमुख महानुभावों का
स्नेह तथा विश्वास
अर्जित किया|
राजस्थान के
राज्यपाल महोदय ने
रामगढ़ शेखावाटी के
द्विशताब्दी समारोह के
अवसर पर आपको 'समाज रत्न'
के अलंकरण से सम्मानित
किया| मैथिली विश्व
विद्यापीठ, दरभंगा ने डी-लिट.
(विद्या वाचस्पति) की
मानद उपाधि भेंट की|
राज्य तथा जिला स्तर पर
अनेक बार सम्मानित किए गए|
रतनगढ़ के द्विशताब्दी
समारोह में भी आपको
सम्मानित किया गया |
. अनेक प्रमुख
महानुभावों ने श्री
उपाध्याय के सम्बन्ध में
अपनी भावना प्रकट की है|
जिनमें से कुछ उदाहरण
यहां प्रस्तुत है :-
पूर्व उप
मुख्यमंत्री श्री
हरिशंकर भाभड़ा के
अनुसार, - "इस क्षेत्र
के शैक्षिक विकास एवं
रचनात्मक कार्यों में
श्री उपाध्याय का
सर्वाधिक योगदान है|"
विश्वविख्यात
अर्थशास्त्री एवं विश्व
बैंक के पूर्व वरिष्ठ
सलाकार प्रो. विजयशंकर
व्यास के शब्दों में, -
"मुझे विदेशों के सेवा
संगठनों एवं जन सेवकों को
देखने का व्यापक अनुभव
हैं| परन्तु श्री
उपाध्याय जैसे स्वष्ट
चिंतन, सरल व्यवहार एवं
निष्ठा के साथ समर्पित
भावना के कर्मठ समाजसेवी
कम ही देखने में आए|"
खादी एवं
सर्वोदय के प्रमुख
स्तम्भ स्व. श्री
त्रिलोकचन्द जैन के
अनुसार, - "श्री
उपाध्याय समर्पित
समाजसेवी, शिक्षाविद्
एवं खादी ग्रामोद्योग के
निष्ठावान सुप्रसिद्ध
व्यक्ति हैं| हम सबको यह
गौरव अनुभव होता है कि हम
लोगों के मध्य ऐसा महान
व्यक्तित्व कार्य कर रहा
है जिनसे समाज में गाँधी
विचार प्रतिष्ठित होता
है|"
नवभारत
टाइम्स, - "पश्चिमी
राजस्थान के चूरु जिले
में चम्पालाल उपाध्याय
शैक्षिक आंदोलन का
पर्याय बन गए है| इस
शख्सियत के प्रयासों से
कमजोर सासरती वाले चूरु
जिले में अनेक शिक्षण
संस्थान फलफूल रहे हैं|
राजनीति से विरक्तता
उपाध्याय को शैक्षिक
आंदोलन में खींच लाई और
अब वे इस यज्ञ में
प्रणप्राण से जुटे हुए
हैं| उनकी इस नेक नीयती का
लाभ समाज को बराबर नसीब
हो रहा है|"
दैनिक भास्कर,
-"धनी व्यक्तियों
द्वारा अपने क्षेत्र में
शिक्षण संस्थाएं चलाने
तथा अन्य समाजोपयोगी
कार्य करने के द्दष्टांत
तो प्रायः हर कहीं मिलते
हैं| मगर एक सामान्य स्तर
के व्यक्ति द्वारा
शैक्षिक द्दष्टि से
पिछड़े इलाकों में
शिक्षण संस्थाएं
खुलवाकर समाज में ज्ञान
की गंगा बहाना तथा
दर्जनों सामाजिक
संस्थाओं से जुड़ कर उनके
माध्यम से अपने आपको
पूर्णतया सामाजिक सेवा
के लिए समर्पित कर जन - जन
के ह्रदय पटल पर अपनी
अमिट छाप लगाने वाले श्री
उपाध्याय जैसे व्यक्ति
बिरले ही मिलते हैं|
ऐसे कर्मशील
व्यक्तित्व के धनी को
दीर्घायु होने व निरन्तर
समाज सेवा में लगे रहने
की शुभकामनाएँ |
महेश शर्मा एडवोकेट
सम्पादक, ब्राह्मण जगत,
कोटा (राज.) |